उद्देश्य

राष्ट्रीय एकता

सब साधन से रहे समुन्नत, भगवन देश हमारा । देव प्रज्ञा से पूरित विप्र समाज ने अपने दिगंत भेदी तप व चिंतन से हमारे दिव्य राष्ट्र का मनोरम शृंगार करके इसे विश्वगुरु के गौरवमय पद पर प्रतिष्ठित किया है, समय की आवश्यकताओं का अवलोकन कर सदैव देश को युगानुकूल मार्ग दिखाया है। राष्ट्र कल्याण की भावना के साथ अनन्ताकाश की भांति विराट दृष्टिकोण लिये विप्र फाउण्डेशन प्रयत्नरत है । समृद्ध एवं सशक्त भारत के निर्माण हेतु हम कृत संकल्पित हैं । वर्तमान में विप्र फाउण्डेशन द्वारा राष्ट्रीय एकता को समर्पित कुछ प्रमुख कार्यक्रम:-

सामाजिक समरसता

जातीय संकीर्णता का ब्राह्मण समाज में कभी भी कोई स्थान नहीं रहा है। हम सर्वदा ही विशाल उदारता के हीं पक्षधर रहे हैं। ब्राह्मणों ने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ जैसे मंगलकारी मंत्रों से समरसता का उद्घोष किया है। विशेष प्रज्ञा से सुसम्पन्न न्याय प्रिय विप्र समाज ने सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के कल्याण को ध्यान में रखकर सत्त साधना व आध्यात्म की आराधना की है, करता रहेगा। विप्र फाउण्डेशन की कामना है कि पूरा भारतीय समाज तेजस्वी और ओजस्वी बने, ज्ञानी और विज्ञानी बने। विप्र फाउण्डेशन द्वारा सामाजिक समरसता को समर्पित कुछ प्रमुख कार्यक्रम:-

स्वजातीय गतिशीलता

अपनी परम्परा का ज्ञान, जातीय चेतना और आत्मविश्लेषण की त्रिवेणी समाज में प्रवाहित होती रहती है तभी समाज साक्षात् तीर्थराज की भांति प्रतिष्ठित होकर मानवता को मुद्मंगलमय बनाता है । ब्राह्मणत्व जगेगा तभी राष्ट्र जगेगा। एक नई चेतना, स्फूर्ति व सकारात्मक विचारधारा से समाज जब उन्नत होगा तो राष्ट्र स्वतः ही सामर्थ्यवान बन जायेगा । समाज के सर्वांगीण विकास हेतु मुक्त एवं अकुण्ठ भाव से विप्र फाउण्डेशन योजनाबद्ध एवं समर्पण के साथ कार्यरत है। वर्तमान में विफा द्वारा स्वजातीय गतिशीलता को समर्पित कुछ प्रमुख कार्यक्रम:-