विप्र फाउंडेशन के संगठनात्मक जोनल प्रभारियों की नियुक्तियां।

विप्र फाउंडेशन के संगठनात्मक जोनल प्रभारियों की नियुक्तियां।

कोलकाता, 1 अक्टूबर 2019। विप्र फाउण्डेशन द्वारा संगठनात्मक दृष्टि से देश के सभी राज्यों को 29 भागों में बांटा गया है जिन्हें जोनल ईकाई के रूप में जाना जाता है। इन सभी जोनों के संगठन प्रभारी ही मूल, महिला व युवा ईकाईयों का मार्गदर्शन करते हैं एवं समस्त संगठनात्मक नियुक्तियां भी इन्हीं प्रभारियों के माध्यम से ही की जाती हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने वाले इन संगठन प्रभारियों का निर्णय व दिशा निर्देश ही संगठन का आधिकारिक निर्णय मानने की परंपरा है। राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) पवन पारीक ने आज वर्ष 2019-20 हेतु सभी 29 जोन के प्रभारियों की नियुक्ति की सूचना जारी की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के.ओझा, नागपुर को जोन-1 जयपुर का महत्वपूर्ण प्रभार सौंपा गया है जबकि राष्ट्रीय सचिव विनोद अमन पूर्व की भांति जोन-1A तथा 1B का महत्ती प्रभार देखेंगे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का दायित्व राष्ट्रीय सचिव कुलदीप राजपुरोहित व हरियाणा, पंजाब व झारखंड का प्रभार राष्ट्रीय महामंत्री भरतराम तिवारी के पास रहेगा। पारीक ने बताया कि देवघर के विजय कौशिक बिहार, रायपुर के कचरू शर्मा ओड़िसा तथा भूटान के तुलसीराम शर्मा बंगाल के प्रभारी होंगे। नार्थ ईष्ट के सभी जोन को युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष सज्जन शर्मा व उत्तर प्रदेश जोन का दायित्व संगठन महामंत्री स्वयं देखेंगे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष औरंगाबाद के आर.बी.शर्मा, विदर्भ, संरक्षक ममता शर्मा हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर की प्रभारी होंगी। पवन पारीक ने कहा कि कोलकाता के तोलाराम तावनियाँ उत्तराखंड व छतीसगढ़ के प्रभारी होंगे जबकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूरत के सांवरमल माटोलिया महाराष्ट्र की कमान संभालेंगे। गोआ के प्रभारी मुख्य समन्वयक श्रीकिशन जोशी, मध्यप्रदेश के प्रभारी जयपुर के बसन्त ओझा, गुजरात के प्रभारी संरक्षक व पूर्व अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी, एवं तेलंगाना का प्रभार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीकान्त पाराशर को दिया गया है। राष्ट्रीय सचिव हैदराबाद के भगवान व्यास चार राज्यों आंध्र प्रदेश, केरल, तामिलनाडु व कर्नाटक का प्रभार देखेंगे। समस्त जोनल अध्यक्षों को यह सूची प्रेषित करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) पवन पारीक ने आशा व्यक्त की है कि इन वरिष्ठजनों के नेतृत्व में संगठन नित नयी ऊंचाई प्राप्त करेगा।