आठवा वचन

 

भ्रूणं न हन्या : वर ! कुक्षिमध्ये
मन्यस्व भेदं न हि पुत्रपुत्र्यो : |
दद्दा : वरम्मे अस्टममत्र वच्मि,
आयमि सद्यस्त्तव वाम भागे ||

हे वर ! आप भ्रूण की हत्या नहीं करोगे तथा पुत्र-पुत्री में भेद नहीं मानोगे , यह आठवां वचन यदि आप मुझे देते है तो मै शीघ्र ही आपके वाम भाग में आ जाउंगी |

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